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यह एक कविता संग्रह है जिसमे २१ कबविताओं का समायोजन है! लेखक ने इस पुस्तक में अलग अलग विषयों पर कविताओं की रचना की है! जिसमे प्रेम-प्रसंग के अलग-अलग पहलुओं जैसे सदाबहार, बिच्छोह तथा उनमे पनपे दुःख-दर्द का भी समायोजन है! इसके अतिरिक्त रोज की दिनचर्या, रोजी-रोटी, पलायन और महानगरों के दिनचर्या का भी उल्लेख कर कविताओं का रूप दिया है! साथ ही साथ प्राकृतिक सुंदरता और उनसे अपने लगाव को भी कुछ-कुछ रचनाओं में खूब पिरोया है!

Produktbeschreibung
यह एक कविता संग्रह है जिसमे २१ कबविताओं का समायोजन है! लेखक ने इस पुस्तक में अलग अलग विषयों पर कविताओं की रचना की है! जिसमे प्रेम-प्रसंग के अलग-अलग पहलुओं जैसे सदाबहार, बिच्छोह तथा उनमे पनपे दुःख-दर्द का भी समायोजन है! इसके अतिरिक्त रोज की दिनचर्या, रोजी-रोटी, पलायन और महानगरों के दिनचर्या का भी उल्लेख कर कविताओं का रूप दिया है! साथ ही साथ प्राकृतिक सुंदरता और उनसे अपने लगाव को भी कुछ-कुछ रचनाओं में खूब पिरोया है!
Autorenporträt
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में गण्डक नदी के उत्तर में बसे मननपुर गाँव में जन्मे तेजस पांडेय ग्रामीण परिवेश से आते है। इनका बचपन खेत-खलिहान,बाग-बगीचे, नहर-पोखर,गाँव की पगडंडियों और गंडक की जलधारा के साथ गुजरा है। यहीं कारण है कि पाँच सितारा होटल के प्रबन्धक होने के बावजूद भी उनका गाँव से लगाव कम नहीं हुआ है। इस युवा लेखक की रचनाओं में प्रकृति और प्रेम की अभिव्यक्ति अक्सर दृष्टिगोचर होती है।