2,99 €
inkl. MwSt.
Sofort per Download lieferbar
payback
0 °P sammeln
  • Format: ePub

यह कहानी उन सबके लिए है जिन्होंने किसी को दिल से चाहा, उसका इंतज़ार किया और फिर भी उसे खो दिया लेकिन मोहब्बत को अपनी ताकत बना लिया।

  • Geräte: eReader
  • mit Kopierschutz
  • eBook Hilfe
  • Größe: 0.13MB
  • FamilySharing(5)
Produktbeschreibung
यह कहानी उन सबके लिए है जिन्होंने किसी को दिल से चाहा, उसका इंतज़ार किया और फिर भी उसे खो दिया लेकिन मोहब्बत को अपनी ताकत बना लिया।


Dieser Download kann aus rechtlichen Gründen nur mit Rechnungsadresse in A, B, CY, CZ, D, DK, EW, E, FIN, F, GR, H, IRL, I, LT, L, LR, M, NL, PL, P, R, S, SLO, SK ausgeliefert werden.

Autorenporträt
देवांश नायक एक युवा लेखक हैं, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी के सच्चे अनुभवों को शब्दों में ढालकर इस किताब को लिखा है। यह किताब उनकी आत्मा के बेहद करीब है, क्योंकि इसमें उनकी अधूरी मोहब्बत, उनका इंतज़ार और उनकी जज़्बातों की गहराई दर्ज है।

पेशे से एक साधारण इंसान, लेकिन सोच से बेहद गहरे देवांश ने अपने दर्द को छुपाने के बजाय उसे कागज़ पर उतारा, ताकि उनकी कहानी दुनिया तक पहुँच सके।

उनकी लेखनी में सच्चाई, मासूमियत और मोहब्बत की ख़ुशबू है। उन्होंने अपनी पहली किताब के ज़रिए यह साबित किया है कि मोहब्बत सिर्फ़ पाने का नाम नहीं, बल्कि इंतज़ार और क़ुर्बानी भी मोहब्बत की असली पहचान है।

देवांश का मानना है

"शब्द कभी मरते नहीं, मोहब्बत कभी मिटती नहीं और कहानियाँ हमेशा ज़िंदा रहती हैं।"